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जेआरडीए व टाटा स्टील फाउंडेशन के बीच एमओयू पर हुए हस्ताक्षर।

MoU signed between JRDA and Tata Steel Foundation.

बेलगड़िया में कौशल विकास और जमीनी स्तर के खेलों को मजबूत करने के लिए जेआरडीए व टाटा स्टील फाउंडेशन के बीच एमओयू पर हुए हस्ताक्षर।

धनबाद । बेलगड़िया क्षेत्र में कौशल विकास, आजीविका के अवसर और जमीनी स्तर के खेलों को मजबूत करने के लिए झरिया पुनर्वास एवं विकास प्राधिकरण (जेआरडीए) के उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी सह उपायुक्त आदित्य रंजन तथा टाटा स्टील फाउंडेशन (टीएसएफ) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सौरव रॉय ने सोमवार को एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए।

एमओयू पर हस्ताक्षर करने के बाद उपायुक्त ने बताया कि इस समझौते का उद्देश्य बेलगड़िया में एक गैर-वित्तीय तकनीकी साझेदारी स्थापित करना है। यह साझेदारी झरिया कोयला क्षेत्र में पुनर्वास और पुनर्स्थापन पहलों के तहत सामुदायिक विकास प्रयासों का समर्थन करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

उन्होंने बताया कि इस सहयोग के हिस्से के रूप में, जेआरडीए मानवीय और वित्तीय संसाधनों की तैनाती के माध्यम से जमीनी स्तर पर कार्यान्वयन का नेतृत्व करेगा। जबकि टाटा स्टील फाउंडेशन तकनीकी विशेषज्ञता और क्षमता-निर्माण सहायता प्रदान करेगा। ये पहले झरिया मास्टर प्लान के तहत जेआरडीए के चल रहे पुनर्वास और पुनर्स्थापन प्रयासों के अनुरूप हैं। इसका उद्देश्य इस क्षेत्र में व्यापक सामुदायिक विकास करना है।

उन्होंने कहा कि इसमें बेलगड़िया के स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। पलानी पंचायत के युवाओं को भी शामिल किया जाएगा।

इस अवसर पर टाटा स्टील फाउंडेशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने बेलगड़िया में पुनर्वास और सामुदायिक विकास की दिशा में जेआरडीए के निरंतर प्रयासों की सराहना की। कहा कि शुरुआत में छोटे स्तर पर ही सही, सहयोग करके टीएसएफ को खुशी हो रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह साझेदारी युवाओं के लिए अधिक अवसर पैदा करने में मदद करेगी और दीर्घकालिक सामुदायिक कल्याण के लिए स्थानीय क्षमताओं को मजबूत करेगी।

यह एमओयू धनबाद के बेलगड़िया क्षेत्र में सामुदायिक विकास के प्रति एक दीर्घकालिक सहयोगात्मक दृष्टिकोण को और अधिक सुदृढ़ करेगा।

उल्लेखनीय है कि विकास के क्षेत्र में अगले दशक को प्रभावित करने वाले बदलावों को पहचानने और एक ‘विचार-नेता’ के रूप में उभरने की अपनी महत्वाकांक्षा को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से, टाटा स्टील फाउंडेशन की स्थापना वर्ष 2016 में की गई थी। झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और पंजाब सहित छह राज्यों में फैली दस इकाइयों में कार्यरत 1,500 से अधिक सदस्यों के साथ, यह फाउंडेशन सामुदायिक विकास के लिए प्रतिबद्ध संगठन है। इसका मुख्य ध्यान आदिवासी और समाज से अलग-थलग पड़ी समुदायों के साथ मिलकर ऐसे समाधान तैयार करने पर है, जिनके द्वारा उनकी विकास संबंधी चुनौतियों का समाधान किया जा सके। वित्तीय वर्ष 2026 में फाउंडेशन ने अपने एकीकृत कार्यक्रम पोर्टफोलियो के जरिए 7.6 मिलियन लोगों तक पहुँच बनाई। यह पोर्टफोलियो सार्वजनिक स्वास्थ्य, शिक्षा, आजीविका, लिंग और सामुदायिक उद्यम, बुनियादी ढाँचा और जनजातीय पहचान जैसे ‘इम्पैक्ट पाथवेज़’ के तहत प्रभावी ढंग से व्यवस्थित है, और इस पर 545.7 करोड़ रुपये खर्च किए गए।

मौके पर उप विकास आयुक्त सन्नी राज, निदेशक डीआरडीबी राजीव रंजन, टीएसएफ के सीओओ देवदूत मोहंती, टीम लीडर स्कील डेवलपमेंट यशवंत कुमार सिंह, टीम लीडर स्पोर्ट्स चंद्रेया मुजुमदार, टीम लीडर पार्टनरशिप प्रियंका शर्मा के अलावा जेआरडीए के सलाहकार जीतेन्दर मल्लिक, एचओडी (स्कील एंड लाइवलीहुड) रंजन कुमार, राजन कुमार व अन्य पदाधिकारी मौजूद रहें।

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