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छात्र विरोधी नीति के खिलाफ एबीवीपी का उग्र प्रदर्शन।

ABVP's fierce protest against anti-student policy

पुनर्गठन एवं क्लस्टर सिस्टम के विरोध में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला दहन, नीति वापस नहीं होने पर पूरे प्रदेश में होगा बड़ा आंदोलन।

साहिबगंज ( झारखण्ड ) : अखिल भारतीय छात्र परिषद, साहिबगंज द्वारा झारखंड सरकार की छात्र-विरोधी पुनर्गठन एवं क्लस्टर सिस्टम नीति के विरोध में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन के साथ मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला दहन किया गया। यह प्रदर्शन साहिबगंज महाविद्यालय परिसर में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं एवं एबीवीपी पदाधिकारियों की उपस्थिति में संपन्न हुआ। कार्यक्रम के दौरान परिषद पदाधिकारियों ने राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए छात्र हितों की रक्षा की मांग की।

धरना-प्रदर्शन से पूर्व अखिल भारतीय छात्र परिषद के पदाधिकारियों एवं छात्रों द्वारा साहिबगंज स्टेशन चौक से साहिबगंज महाविद्यालय तक पैदल मार्च निकाला गया। इस दौरान पदाधिकारियों ने “छात्र विरोधी नीति वापस लो”, “क्लस्टर सिस्टम नहीं चलेगा”, “छात्र हितों के साथ खिलवाड़ बंद करो” जैसे नारों के साथ सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। पूरे मार्च के दौरान छात्रों में भारी विस्थापन देखने को मिला।

यह आंदोलन केवल साहिबगंज तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा पूरे झारखंड प्रदेश के 24 जिलों में एक साथ व्यापक धरना-प्रदर्शन एवं पुतला दहन कार्यक्रम आयोजित किया गया। परिषद पदाधिकारियों ने राज्य सरकार पर उच्च शिक्षा व्यवस्था को लागू करने का आरोप लगाए हुए कहा कि सरकार की यह नई नीति छात्रों के भविष्य को अंधकार की ओर धकेलने वाली है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता साहिबगंज विभाग संयोजक संजय दादा ने की। इस अवसर पर मुख्य रूप से प्रदेश सोशल मीडिया संयोजक इंद्रोजित साह एवं प्रदेश एसएफएस सह-संयोजक गौरव कुमार सुमन उपस्थित रहे।

सभा को संबोधित करते हुए संजय दादा ने कहा कि झारखंड सरकार द्वारा लागू किया जा रहा पुनर्गठन एवं क्लस्टर सिस्टम पूर्णतः छात्र-विरोधी एवं अव्यवहारिक निर्णय है। इस नीति के तहत विद्यार्थियों को एक ही विषय की पढ़ाई के लिए अलग-अलग महाविद्यालयों में जाना पड़ेगा, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर एवं ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों को भारी स्वयंसेवकों का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि कई छात्र-छात्राएं ऐसे परिवारों से आते हैं जिनके लिए प्रतिदिन दूसरे महाविद्यालय तक आना-जाना संभव नहीं है। सरकार की यह नीति विद्यार्थियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने के साथ-साथ उनकी पढ़ाई को भी प्रभावित करेगी।

उन्होंने आगे कहा कि विद्यार्थी परिषद किसी भी परिस्थिति में छात्रों के अधिकारों का हनन लागू नहीं करेगी। यदि राज्य सरकार इस नीति को अविलंब वापस नहीं लेती है, तो विद्यार्थी परिषद सड़क से लेकर सदन तक चरणबद्ध एवं उग्र आंदोलन करने को बाध्य होगी। आने वाले समय में पूरे प्रदेश में व्यापक छात्र आंदोलन खड़ा किया जाएगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी।

प्रदेश सोशल मीडिया संयोजक इंद्रोजित साह ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के बजाय लगातार छात्रों पर अव्यवहारिक प्रयोग कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार को शिक्षण संस्थानों एवं महाविद्यालयों में शिक्षकों की कमी, कर्मियों की समस्या एवं छात्रों की मूलभूत आवश्यकताओं पर ध्यान देना चाहिए, लेकिन सरकार छात्रों को अलग-अलग पढ़ाई में भटकाने वाली व्यवस्था लागू करने में लगी हुई है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हमेशा छात्र हितों की आवाज रही है और आगे भी हर अन्यायपूर्ण नीति के खिलाफ प्रवेश से संघर्ष करती रहेगी।

प्रदेश एसएफएस सह-संयोजक गौरव कुमार सुमन ने कहा कि यह नीति विशेष रूप से ग्रामीण एवं गरीब विद्यार्थियों के लिए अत्यंत घातक सिद्ध होगी। जिन छात्रों के पास पर्याप्त आर्थिक संसाधन नहीं हैं, उनके लिए प्रतिदिन अलग-अलग महाविद्यालयों तक पहुंचना कठिन हो जाएगा। इससे उच्च शिक्षा में छात्रों की भागीदारी प्रभावित होगी तथा कई विद्यार्थियों को पढ़ाई छोड़ने तक की नौबत आ सकती है। उन्होंने सरकार से छात्र हित में तत्काल इस नीति को वापस लेने की मांग की।

धरना-प्रदर्शन के दौरान एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने “छात्र विरोधी नीति वापस लो”, “क्लस्टर सिस्टम नहीं चलेगा”, “छात्र हितों के साथ खिलवाड़ बंद करो” जैसे नारों के साथ जोरदार प्रदर्शन किया। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री का पुतला दहन कर सरकार के प्रति अपना विरोध दर्ज कराया गया।

कार्यक्रम में प्रमुख रूप से प्रदेश छात्रा सह-संयोजक निधि सिंह, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य अविनाश साह, जिला कार्यालय मंत्री अंकुश कुमार, जिला केंद्र नगर मंत्री चंदन कुमार, तालझारी इकाई नगर मंत्री सौरव कुमार, नगर सह मंत्री लक्ष्मी कुमारी, आशीष कुमार, सुहानी कुमारी, मोनिका कुमारी, आरती एक्का, बेबी कुमारी, भूमि कुमारी, कंचन कुमारी, पायल कुमारी, पूनम कुमारी, आस्था कुमारी, माही कुमारी, नीलम कुमारी, अंजली कुमारी, गौरव, निखिल, सूरज, विशाल कुमार, अमन भगत, कुंदन कुमार,बादल कुमार, आशीष कुमार, गौरव कुमार, शिवम कुमार, आलोक ठाकुर, सन्नी सिंह, हीराकांत प्रसाद, पीयूष उपाध्याय, ऋतिक उपाध्याय, अभिषेक ठाकुर, दानी कुमार, नंदू रजक, प्रेम कुमार, पवन कुमार, निखिल राज, रोशन दत्ता, विजय शर्मा।सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता एवं छात्र उपस्थित रहे।

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