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रक्तदान शिविर के लिए एक सप्ताह पहले देना है आवेदन।

Application for blood donation camp has to be given a week in advance.

बायो मेडिकल वेस्ट निराकरण स्थल की जांच करेगी टीम, रक्तदान शिविर के लिए एक सप्ताह पहले देना है आवेदन।

धनबाद (झारखंड) : उप विकास आयुक्त सन्नी राज की अध्यक्षता में धनबाद की स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक आयोजित की गई। उन्होंने कहा कि इस बैठक का मुख्य उद्देश्य धनबाद के निवासियों को गुणवत्तापूर्ण और किफायती स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।

बैठक में बायो मेडिकल वेस्ट के निराकरण को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। उप विकास आयुक्त ने कहा कि बड़ापिछड़ी स्थित बायो मेडिकल वेस्ट निराकरण स्थल के आसपास के ग्रामीण इसका विरोध कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बायो मेडिकल वेस्ट निराकरण करने वाली एजेंसी नियमों का पालन नहीं करती है। इसका समाधान करने के लिए अनुमंडल दंडाधिकारी के नेतृत्व में एक मेडिकल टीम तथा एजेंसी के प्रतिनिधि उक्त स्थल की जांच कर वस्तु स्थिति से अवगत होगी।

बैठक में जिले में रक्त की कमी पर चर्चा की गई। उप विकास आयुक्त ने कहा कि रक्तदान शिविर का आयोजन करने वालों को एक सप्ताह पहले सिविल सर्जन कार्यालय में आवेदन देना होगा। इसके बाद टीम शिविर स्थल एवं सुविधाओं की जांच करेगी। सब कुछ सही होने पर शिविर का आयोजन करने की अनुमति मिलेगी। कहा कि रक्तदान के दौरान यदि रक्तदाता को कुछ होता है तो इसकी जिम्मेवारी सीधे प्रशासन पर आएगी। इसलिए नियमों का पालन करना अनिवार्य है। उन्होंने जिले के सभी ब्लड बैंक का भौतिक निरीक्षण करने एवं रक्तदाता, रक्त की आवश्यकता का ऑनलाइन डाटाबेस तैयार करने का भी निर्देश दिया।

उन्होंने कहा कि ब्लड बैंकों को निर्देश दिया जाएगा कि वे थैलेसीमिया मरीजों को नियमित ब्लड रिप्लेसमेंट सुनिश्चित करें। साथ ही, ब्लड बैंकों को अपने संग्रह का 25% सदर अस्पताल को देना होगा।

बैठक के दौरान जिले में संचालित क्लिनिकों पर विस्तृत चर्चा की गई। उप विकास आयुक्त ने कहा कि सभी एमओआईसी अपने क्षेत्र के क्लीनिक के लाइसेंस की जांच करेंगे। लाइसेंस नहीं होने या एक्सपायर होने पर क्लीनिक को सील करेंगे।

बैठक में सदर अस्पताल के सुदृढ़ीकरण हेतु कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। जिसमें में मुख्य रूप से रिक्त पदों पर भर्ती, बुनियादी ढांचे के विकास और मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं के विस्तार पर चर्चा की गई। साथ में सदर अस्पताल की सुविधाओं में विस्तार और आधुनिकीकरण, मरीजों को बेहतर इलाज देने के लिए बुनियादी ढांचे में सुधार के कई प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।

वहीं तोपचांची स्थित डायलिसिस यूनिट को अब सदर अस्पताल, धनबाद के हिस्से के रूप में संचालित करने का निर्णय लिया गया। अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे रिपोर्टिंग और ऑडियोमेट्री की दरों को व्यवस्थित करने पर सहमति बनी। अस्पताल में फायर और इलेक्ट्रिकल ऑडिट कराने के साथ-साथ बायो-वेस्ट मैनेजमेंट को और प्रभावी बनाने का निर्णय लिया गया।

बैठक में उप विकास आयुक्त सन्नी राज, अनुमंडल दंडाधिकारी लोकेश बारंगे, सिविल सर्जन डॉ आलोक विश्वकर्मा, सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ संजीव कुमार प्रसाद, पीएचईडी 1 के कार्यपालक अभियंता रंजीत कुमार ठाकुर, पीएचईडी 2 के कार्यपालक अभियंता मुकेश कुमार मंडल, डीईओ अभिषेक झा, डीपीएम प्रतिमा कुमारी, डब्ल्यू.एच.ओ. के डॉ दीपक कुमार के अलावा स्वास्थ्य विभाग के अन्य पदाधिकारी मौजूद रहें।

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