सांसद प्रतिनिधि के नेतृत्व में अवैध कोयला डिपो के विरोध में धरना प्रदर्शन।
धनबाद । सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी के जिला सांसद प्रतिनिधि सुभाष रवानी के नेतृत्व में राजगंज थाना क्षेत्र स्थित कथित अवैध कोयला डिपो के विरोध में जोरदार धरना-प्रदर्शन किया गया।ज्ञात हो कि दयाबांस पहाड़ निवासी दुलाल कुम्हार की मिनी हाईवा की चपेट में आने से घटनास्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई थी।घटना के बाद परिजनों एवं ग्रामीणों में भारी आक्रोश रहा।धरना के माध्यम से अवैध कोयला कारोबार पर तत्काल रोक लगाने,दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने तथा मृतक परिवार को न्याय दिलाने की मांग उठाई गई।
जिला सांसद प्रतिनिधि सुभाष रवानी ने प्रशासन से मृतक के परिजनों को तत्काल 9 लाख मुआवजा देने एवं संबंधित वाहन चालक एवं अवैध कारोबार से जुड़े लोगों पर प्राथमिकी दर्ज कर कठोर कार्रवाई करने की मांग की हैं।उन्होंने कहा कि गरीब, मजदूर एवं शोषित परिवारों के साथ अन्याय किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।आपका भाई, आपका बेटा हमेशा अन्याय के खिलाफ लड़ाई लड़ता रहेगा।जनता की आवाज बनकर हर पीड़ित परिवार के साथ खड़ा रहेगा।
धरना प्रदर्शन में बड़ी संख्या में ग्रामीण,जनप्रतिनिधि एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहें।प्रशासन से शीघ्र न्यायोचित कार्रवाई की मांग की गई हैं।

राजगंज में सड़क हादसे के बाद 9 लाख मुआवजा मृतक पत्नी को भुगतान।
कथित तौर पर मध्यस्थ की भूमिका निभाने वालों को लेकर चर्चा तेज।
राजगंज थाना क्षेत्र में हुए एक सड़क हादसे के बाद मुआवजा भुगतान को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।जानकारी के अनुसार, डोमनपुर में एक भट्ठे से निकल रही मिनी हाईवा वाहन ने मोटरसाइकिल सवार दुलाल कुम्हार को कुचल दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश का माहौल देखा गया और स्थानीय लोग आंदोलन पर बैठ गए।
इसी बीच, मामले में कथित तौर पर मध्यस्थ की भूमिका निभाने वालों को लेकर चर्चा तेज हो गई है।सूत्रों का दावा है कि राजगंज थाना क्षेत्र में आंदोलनकारियों के बीच बैठकर समझौता कराने में सक्रिय दिखा।
बताया जा रहा है कि पीड़ित परिवार पत्नी फूल कुमारी को कुल 9 लाख रुपये मुआवजा दिया गया, जिसमें 4 लाख रुपये चेक के माध्यम से और 5 लाख रुपये नकद दिए गए। हालांकि, सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर यह राशि किसने दी?भुगतान करने वाले लोग सामने क्यों नहीं आए?यहां तक कि सार्वजनिक रूप से किसी का नाम भी नहीं लिया गया।स्थानीय लोगों के बीच चर्चा है कि आखिर पर्दे के पीछे कौन-सा तंत्र काम कर रहा है और किसके इशारे पर पूरा समझौता कराया गया। मामले को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं जारी हैं।फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।