जामताड़ा में फतेहपुर ज्वेलर्स लूटकांड का खुलासा, कुख्यात फिरोज अंसारी हथियार व चांदी के जेवरात के साथ धराया
एसआईटी की त्वरित कार्रवाई, 18 संगीन मामलों में वांछित था आरोपी
जामताड़ा ( Jharkhand ) : जामताड़ा जिला के फतेहपुर थाना क्षेत्र में 29 मई की रात स्वर्ण व्यवसायी से हुई लूट की गुत्थी जामताड़ा पुलिस ने सुलझा ली है। पुलिस अधीक्षक शंभु कुमार सिंह के निर्देश पर गठित एसआईटी ने कार्रवाई करते हुए कांड में शामिल कुख्यात अपराधी फिरोज अंसारी को हथियार और लूट के जेवरात के साथ गिरफ्तार कर लिया है। एसपी को गुप्त सूचना मिली थी कि एक संदिग्ध अपराधी लाल रंग की मोटरसाइकिल से बीचकोड़ा-फतेहपुर मार्ग होते हुए दुमका की ओर भाग रहा है। सूचना मिलते ही एसआईटी टीम ने बनगढ़ी पुल के पास नाका लगाकर सघन वाहन जांच शुरू कर दी। इसी क्रम में पुलिस को देखकर लाल बाइक सवार युवक भागने लगा। पुलिस बल ने मुस्तैदी दिखाते हुए उसे दबोच लिया। पकड़े गए आरोपी ने पूछताछ में अपनी पहचान फिरोज अंसारी, निवासी तुलसडाबर, थाना चितरा, जिला देवघर के रूप में दी। तलाशी लेने पर उसके पास से एक देशी कट्टा, दो जिंदा कारतूस, घटना में प्रयुक्त लाल मोटरसाइकिल और लगभग 100 ग्राम चांदी के आभूषण बरामद किए गए।
लूट की वारदात कबूली, 18 मामलों में संलिप्तता स्वीकार
गिरफ्तार आरोपी ने पूछताछ में 29 मई 2026 की रात फतेहपुर बाजार में हथियार के बल पर एक स्वर्ण व्यवसायी से नकदी व सोने-चांदी से भरा बैग लूटने की घटना में शामिल होने की बात स्वीकार की। उसने बताया कि इस वारदात को उसने अपने तीन अन्य साथियों के साथ मिलकर योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया था। पुलिस की सख्ती से पूछताछ में फिरोज ने देवघर, दुमका और जामताड़ा जिलों में हुए लूट, डकैती, हत्या सहित करीब 18 संगीन आपराधिक मामलों में अपनी संलिप्तता कबूल की है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार उसके खिलाफ विभिन्न थानों में हत्या, आर्म्स एक्ट, डकैती जैसे कई मामले दर्ज हैं। इस संबंध में फतेहपुर थाना में बीएनएस और आर्म्स एक्ट की सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि फरार अन्य तीन अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। बहुत जल्द पूरे गिरोह का पर्दाफाश कर सभी को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। इस सफल अभियान में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी नाला, फतेहपुर व कुंडहित थाना प्रभारी सहित एसआईटी टीम और सशस्त्र बल के जवानों ने अहम भूमिका निभाई।