जामताड़ा (झारखंड) : जिला केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के आह्वान पर बुधवार को नाला में सभी दवा दुकानें बंद रहीं। एक दिवसीय इस हड़ताल का व्यापक असर देखने को मिला। सदर अस्पताल से लेकर ग्रामीण इलाकों तक मेडिकल स्टोर के शटर गिरे रहे, जिसके कारण मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। दवा विक्रेताओं ने यह हड़ताल सरकार की कुछ नीतियों के विरोध में की है। एसोसिएशन के प्रखंड अध्यक्ष ने बताया कि प्रशासन लगातार दवा दुकानदारों पर अनावश्यक दबाव बना रहा है और छोटी-छोटी गलतियों पर लाइसेंस रद्द करने की धमकी दी जा रही है। इसके विरोध में सभी दुकानदारों ने एकजुट होकर दुकानें बंद रखने का फैसला किया।
हड़ताल के कारण सबसे ज्यादा परेशानी उन मरीजों को हुई जो अस्पताल और निजी क्लीनिकों से पर्ची लेकर दवा लेने निकले थे। शहर के मुख्य बाजार, बजरंगबली चौक, चालेपाड़ा रोड,थाना मोड़ समेत सभी इलाकों में दवा दुकानें बंद मिलने से लोग इधर-उधर भटकते दिखे। इमरजेंसी में आए कई मरीजों के परिजनों को 10-15 किमी दूर दूसरे प्रखंडों में जाकर दवा खरीदनी पड़ी।
हड़ताल के दौरान सिर्फ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के औषधि केंद्र ही खुला रहा। वहां लंबी कतारें देखी गईं। हालांकि वहां सभी दवाएं उपलब्ध नहीं होने से मरीजों को निराशा हुई।
दवा दुकानदारों का कहना है कि अगर उनकी मांगों पर जल्द सुनवाई नहीं हुई तो अनिश्चितकालीन हड़ताल भी की जा सकती है। वहीं, सिविल सर्जन ने कहा कि मरीजों की परेशानी को देखते हुए वैकल्पिक व्यवस्था पर विचार किया जा रहा है। प्रशासन और एसोसिएशन के बीच वार्ता के बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।