रांची (झारखंड) : पूर्व उप मुख्यमंत्री एवं आजसू पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष सुदेश कुमार महतो के सोशल मीडिया पेज पर पोस्ट साझा कर झारखंड की वर्तमान स्थिति को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की गई हैं। पोस्ट में लिखा हैं कि झारखंड में कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। चारों ओर भय, अराजकता और असुरक्षा का माहौल है। अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि वे बेखौफ होकर लगातार झारखंडी आदिवासी-मूलवासियों की जान ले रहे हैं, और सरकार तथा उसका पुलिस–प्रशासन बालू, कोयला, जमीन में व्यस्त है। आज झारखंड में अपराधियों का मनोबल बढ़ा है और आम जनता का विश्वास टूट रहा है।
बुधवार की रात कोडरमा विधायक सह पूर्व मंत्री नीरा यादव के निजी वाहन चालक की निर्मम हत्या कर दी गई। दुःखद बात यह है कि विधायक नीरा यादव द्वारा स्वयं हत्या के तीन घंटे पूर्व ही मारपीट की सूचना दिए जाने के बावजूद समय पर पुलिस सक्रिय नहीं हुई। जब जनप्रतिनिधियों की सूचना को पुलिस गंभीरता से नहीं ले रही, तो आम नागरिकों की सुरक्षा की स्थिति का अंदाजा सहज लगाया जा सकता है।
राजधानी रांची के रातू में भी अपराधियों ने एक और जघन्य घटना को अंजाम दिया, जहाँ कांके विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी सह भाजपा नेता कमलेश राम के भांजा की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। लगातार बढ़ती ऐसी घटनाएं राज्य की बदहाल कानून व्यवस्था की पोल खोल रही हैं। राजधानी के जलजोगा होटल के मालिक से अपराधियों ने खुलेआम 50 लाख की रंगदारी मांगी है और जान मारने की धमकी दी है।
धनबाद के लोयाबाद थाना क्षेत्र के बांसजोड़ा में अवैध कोयला खनन का विरोध करने पर आजसू नेत्री रजनी रवानी, हीरालाल महतो एवं प्रदीप महतो पर कोयला माफियाओं द्वारा जानलेवा हमला किया गया और विडंबना यह रही कि पीड़ितों को ही झूठे मुकदमों में फंसाया गया और गिरफ्तारी की गई।
आज स्थिति ऐसी हो गई है कि संवेदनहीन हेमंत सरकार और उसकी प्रशासनिक व्यवस्था कोयला, बालू, गिट्टी और जमीन माफियाओं के सामने बेबस नजर आ रही है। आखिर यह सरकार जनता के लिए चल रही है या माफियाओं के संरक्षण के लिए।
झारखंड को भय, माफियाराज और अराजकता नहीं, बल्कि सुरक्षा, न्याय और सुशासन चाहिए।