धनबाद (झारखंड) : विश्व बाल श्रमिक निषेध दिवस के अवसर पर झारखण्ड ग्रामीण विकास ट्रस्ट की ओर से जिले में बाल मजदूरी के खिलाफ सघन जन जागरूकता अभियान चलाया गया। जिसमें विभिन्न सरकारी विभागों और कानून लागू करने वाली एजेंसियों के अफसरों, सामुदायिक नेताओं और ग्रामीणों ने हिस्सा लिया। रेलवे स्टेशन धनबाद में रेलवे सुरक्षा बाल, राजकीय रेल पुलिस एवं चाइल्ड लाइन, बस स्टैंड बरटांड़ आदि स्थानों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। सहायक श्रमायुक्त कार्यालय, बाल कल्याण समिति में बैठक कर जुन माह में सघन रेस्कीयू कार्यक्रम चलाने का निर्णय लिया गया।
झारखण्ड ग्रामीण विकास ट्रस्ट के निदेशक शंकर रवानी ने कहा कि जून महीने को बाल श्रम के खिलाफ ‘एक्शन मंथ’ के तौर पर मनाया जाता है और चूंकि बाल दुर्व्यापार यानी बच्चों की ट्रैफिकिंग बाल मजदूरी का मुख्य कारण है, इसलिए नागरिक समाज संगठन इस दौरान पुलिस व प्रशासन के साथ मिलकर दुर्व्यापारियों और उनके गठजोड़ की शिनाख्त के लिए कड़ी नजर रखते हैं।

इस मौके पर कानून लागू करने वाली एजेंसियों और जिला प्रशासन को हरसंभव सहयोग का वादा करते हुए शंकर रवानी ने कहा, “शोषण व मजदूरी से मुक्त कराए गए हर बच्चे के शिक्षा के अधिकार, सुरक्षा व गरिमा की आज एक बार फिर बहाली हुई है। बाल श्रम बच्चों को उनके बचपन और मूल अधिकारों से महरूम कर देता है, लिहाजा इस समस्या से तत्काल निपटने की जरूरत है। बच्चों की जगह ढाबों और फैक्ट्रियों में नहीं बल्कि स्कूल में है। चूंकि, ट्रैफिकिंग और बाल मजदूरी आपसे में गहरे तक जुड़े हैं, हम ट्रैफिकिंग की रोकथाम, बच्चों को मुक्त कराने के लिए जिला प्रशासन प्रशासन व कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ करीबी समन्वय के साथ काम करते रहेंगे। साथ ही, हम सुनिश्चित करेंगे कि हर बच्चे की देखभाल हो, समुचित पुनर्वास हो और उसे वो सभी सुविधाएं मिलें जिसका वह हकदार है।”
उन्होंने आगे कहा कि देश भर में अप्रैल 2023 से मार्च 2026 तक 1.45 लाख से अधिक बच्चों को ट्रेफिकिंग से बचाया गया।
मौके पर सहायक श्रमायुक्त प्रवीन कुमार, जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी साधना कुमारी, बाल कल्याण समिति के ममता अरोड़ा, संध्या, नीतू कुमारी, सब इंस्पेक्टर मनीषा कुमारी, जीव लाल राम, मो. सहजाद, मन्नु कुमार, झारखण्ड ग्रामीण विकास ट्रस्ट के बिनोद महतो, सीता कुमारी, नइमुद्दीन अंसारी, दीपा रवानी, गुलनाज बानो एवं बेबी प्रियंका एवं अन्य उपस्थित रहें।