जामताड़ा (Jharkhand) : मंगलवार को समाहरणालय सभागार में उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी जामताड़ा आलोक कुमार की अध्यक्षता में जिला स्तरीय तंबाकू नियंत्रण समिति की बैठक का दीप प्रज्ज्वलित कर विधिवत रूप से शुभारम्भ किया गया।
तंबाकू निषेध को लेकर जमीनी स्तर पर जागरूकता फैलाएं
बैठक को संबोधित करते हुए उपायुक्त आलोक कुमार ने कहा कि जिले में तंबाकू निषेध अभियान के सफल क्रियान्वयन के लिए सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने की जरूरत है।तंबाकू निषेध को लेकर जमीनी स्तर पर जागरूकता फैलाने की आवश्यकता है। विद्यालय स्तर एवं अन्य माध्यमों से तंबाकू सेवन के दुष्परिणामों के संदर्भ में व्यापक अवेयरनेस लाने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि तंबाकू या अन्य कोई भी नशा हो, इसका सेवन न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को गंभीर रूप से प्रभावित करता है, बल्कि सामाजिक एवं पारिवारिक स्तर पर भी इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। उन्होंने अभियान लेकर विभिन्न विभागों यथा स्वास्थ्य, शिक्षा पुलिस, परिवहन एवं नगर निकाय आदि को समन्वय के साथ कार्य करने का निर्देश दिया।
सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान निषेध कानून का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करें
उपायुक्त ने सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान निषेध कानून (कोटपा-2003) का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने, शैक्षणिक संस्थानों के आसपास तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर विशेष निगरानी रखने तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार सख्ती से कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों के 100 मीटर की परिधि के भीतर गुटखा, पान मसाला, सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पादों की बिक्री पूर्णतः प्रतिबंधित है। इस प्रावधान का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित कराएं एवं उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार सख्ती से कार्रवाई करें। इसके अलावा तंबाकू नियंत्रण कानून के प्रभावी अनुपालन हेतु गठित त्रिस्तरीय विशेष छापेमारी दल को नियमित रूप से छापेमारी करने हेतु निर्देश दिया गया। इसके अलावा पंचायत से लेकर ग्राम स्तर तक लोगों को तंबाकू सेवन के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने का निर्देश दिया गया।वहीं बैठक के क्रम में कोटपा 2003 तथा झारखण्ड संशोधन अधिनियम 2021 पर विस्तृत चर्चा की गई। इस दौरान बताया गया कि खाद्य प्रतिष्ठानों पर गैर धूम्रपान क्षेत्र वाला साइनेज लगाना अनिवार्य है। इसके अलावा किसी भी शिक्षण संस्थान के 100 मीटर की परिधि में किसी भी प्रकार का कोई तंबाकू उत्पाद को बेचना दंडनीय अपराध है, जिस पर धारा 6 ‘बी’ के तहत जुर्माना का प्रावधान है। इसके अलावा शैक्षणिक संस्थानों के 100 मीटर की परिधि के बाहर 21 वर्ष से कम उम्र के दुकानदार तंबाकू उत्पादों की बिक्री नहीं कर सकते हैं, यह दंडनीय अपराध है। वहीं किसी भी सार्वजनिक स्थलों में तंबाकू प्रयोग एवं थूकने पर साथ ही संबंधित दुकानदार के साथ उक्त ग्राहकों पर भी बराबर जुर्माना वसूलने का प्रावधान है। इस दौरान बताया गया कि विगत वित्तीय वर्ष में कुल 26,075 रुपए जुर्माना राशि वसूल किया गया था।वहीं इस दौरान उपायुक्त ने कार्यक्रम में मौजूद सभी को तंबाकू निषेध को लेकर तंबाकू उत्पादों के सेवन नहीं करने, दूसरों को भी प्रेरित करने सहित कई बिंदुओं पर शपथ दिलाया, साथ ही तंबाकू सेवन नहीं करने के उद्देश्य से हस्ताक्षर अभियान में भी हिस्सा लिया। वहीं समाहरणालय परिसर से उपायुक्त ने जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मौके पर सिविल सर्जन डॉ शिव प्रसाद मिश्रा, पुलिस उपाधीक्षक, जिला शिक्षा पदाधिकारी चार्ल्स हेंब्रम, जिला शिक्षा अधीक्षक विकेश कुणाल प्रजापति, श्रम अधीक्षक देव कुमार मिश्र, खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी डॉ विनीता मुर्मू, संबंधित थाना प्रभारी, जिला परामर्शी, राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम डॉ सर्विना सिन्हा सहित अन्य संबंधित मौजूद रहे।