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गोविंदपुर में औचक निरीक्षण के दौरान न्यू खालसा होटल से एक बाल श्रमिक विमुक्त

A child laborer was rescued from New Khalsa Hotel during a surprise inspection in Govindpur.

धनबाद (झारखंड) : उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन के निर्देशानुसार गठित जिला धावा दल द्वारा श्रम अधीक्षक (कृo श्रo) पंकज कुमार के नेतृत्व में गोविंदपुर प्रखंड क्षेत्र में बाल श्रम उन्मूलन हेतु विशेष औचक निरीक्षण अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान गोविंदपुर मुख्य मार्ग स्थित न्यू खालसा होटल में कार्यरत एक बाल श्रमिक को विमुक्त कराया गया।

निरीक्षण के क्रम में पाया गया कि उक्त बालक से होटल प्रतिष्ठान में कार्य कराया जा रहा था। धावा दल द्वारा तत्काल हस्तक्षेप करते हुए बालक को नियोजन से मुक्त कराया गया। बालक का सत्यापन कर उसे आवश्यक संरक्षण, परामर्श एवं पुनर्वास की प्रक्रिया हेतु संबंधित बाल संरक्षण तंत्र को सुपुर्द किया गया। मामले में नियोजक के विरुद्ध बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 (संशोधित 2016) तथा अन्य सुसंगत विधिक प्रावधानों के अंतर्गत कार्रवाई की प्रक्रिया प्रारंभ की जा रही है।
श्रम अधीक्षक पंकज कुमार ने कहा कि बाल श्रम एक सामाजिक अभिशाप एवं दंडनीय अपराध है। प्रत्येक बच्चे को शिक्षा, सुरक्षा एवं सम्मानजनक बचपन का अधिकार प्राप्त है। धनबाद जिला को बाल श्रम मुक्त जिला बनाने के उद्देश्य से श्रम विभाग द्वारा लगातार सघन निरीक्षण, जागरूकता एवं प्रवर्तन संबंधी कार्रवाई की जा रही है। जून माह के दौरान विशेष बाल श्रम उन्मूलन अभियान संचालित किया जा रहा है, जिसके तहत विभिन्न प्रतिष्ठानों, होटल, ढाबा, गैराज एवं व्यावसायिक संस्थानों का औचक निरीक्षण किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि यदि किसी भी प्रतिष्ठान में बाल श्रमिक नियोजित पाए जाते हैं तो संबंधित नियोजक के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। बाल श्रम से संबंधित मामलों में दोषी पाए जाने पर जुर्माना एवं कारावास सहित कठोर दंड का प्रावधान है। श्रम विभाग द्वारा ऐसे मामलों पर सतत निगरानी रखी जा रही है तथा आगे भी अभियान जारी रहेगा।
धावा दल में गोविंदपुर प्रखंड के श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी कैलाश रविदास, झारखंड ग्रामीण विकास ट्रस्ट की प्रतिनिधि सीता गुप्ता, चाइल्डलाइन इकाई की प्रतिनिधि सुनीता कुमारी महतो, जिला बाल संरक्षण इकाई के प्रतिनिधि, श्रम विभाग के लेखा सहायक मिथलेश कुमार एवं इंद्रजीत कुमार सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे।
श्रम विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं भी बाल श्रम की सूचना प्राप्त होती है तो इसकी जानकारी तत्काल श्रम विभाग अथवा चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर दें, ताकि त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
जिला प्रशासन ने पुनः स्पष्ट किया है कि बाल श्रम के विरुद्ध अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा तथा बाल श्रमिक नियोजित पाए जाने पर संबंधित नियोजकों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
“बाल श्रम अपराध है। प्रत्येक बच्चे को शिक्षा, सुरक्षा और सम्मानजनक बचपन का अधिकार है। आइए, हम सभी मिलकर धनबाद को बाल श्रम मुक्त जिला बनाने का संकल्प लें।”

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