धनबाद (झारखंड) : बीसीसीएल कतरास क्षेत्र के महाप्रबंधक विष्णु कान्त झा ने तेतुलमारी थाना में आवेदन देकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि 16 जून की शाम उन्हें विश्वसनीय सूत्रों से सूचना मिली कि आवास लौटने के दौरान सशस्त्र असामाजिक तत्वों द्वारा उन पर हमला हो सकता हैं।
खतरे की संभावना को देखते हुए महाप्रबंधक ने सीआईएसएफ से अतिरिक्त सुरक्षा की मांग की। जिसके बाद सीआईएसएफ अधिकारियों ने सुरक्षा रणनीति तैयार की और महाप्रबंधक को उनके आधिकारिक वाहन के बजाय दूसरे वाहन से सुरक्षा घेरे में रवाना किया गया। जबकि, उनका आधिकारिक वाहन अलग से भेजा गया।
आवेदन के अनुसार शक्ति चौक से भुली जाने के दौरान लगभग एक किलोमीटर आगे 4-5 काले रंग की बिना नंबर वाली स्कॉर्पियो गाड़ियों ने महाप्रबंधक के आधिकारिक वाहन को घेरकर रोक लिया। वाहन से कई लोग उतरे, जिनमें एक महिला भी शामिल थी। उन लोगों ने चालक के साथ दुर्व्यवहार किया एवं मारपीट की। आरोप है कि महिला ने वाहन में बैठे सीआईएसएफ जवान के साथ अनुचित व्यवहार किया, जबकि अन्य लोग पूरी घटना की वीडियो रिकॉर्डिंग करते रहे।
महाप्रबंधक ने आशंका जताई है कि उक्त लोग वाहन में बैठे सीआईएसएफ कर्मी को उन्हें समझकर फंसाने तथा मानहानि, ब्लैकमेल एवं झूठे आरोप लगाने की साजिश रच रहे थे। जब उन्हें यह जानकारी मिली कि महाप्रबंधक उस वाहन में मौजूद नहीं हैं, तब उन्होंने धमकी देकर वाहन को जाने दिया।
आरोप है कि इसके बाद भी असामाजिक तत्वों ने वाहन का पीछा किया और गोल बिल्डिंग के समीप दोबारा रोककर चालक एवं सीआईएसएफ कर्मियों को धमकाया। उन्होंने संदेश भिजवाया कि “आज वह बच गया है, लेकिन यदि भविष्य में कतरास क्षेत्र के कांटापहाड़ी पैच में हो रही कोयला चोरी रोकने का प्रयास किया, तो उसे गोली मार दी जाएगी।”
महाप्रबंधक विष्णु कान्त झा ने इसे पूर्व नियोजित भयादोहन, धमकी और आतंकित करने की साजिश बताते हुए कहा है कि कोयला चोरी के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान को रोकने और उन्हें डराने के उद्देश्य से यह घटना अंजाम दी गई। उन्होंने तेतुलमारी थाना से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करते हुए कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
घटना के बाद बीसीसीएल एवं सीआईएसएफ महकमे में भी सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।