धनबाद (झारखंड) : चेक क्लियरेंस प्रोटोकॉल का अनुपालन किए बिना रिटायर्ड बीसीसीएल कर्मी के खाते से 35.50 लाख रुपये के निकासी मामले में पूर्व बीसीसीएल कर्मी ने आमरण अनशन की घोषणा कर दी हैं। जबकि, जनवरी 2026 में बैंक मोड़ थाना में मामला दर्ज भी हुआ हैं। लेकिन, अभियुक्त अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। भुक्तभोगी का खाता एसबीआई धनबाद शाखा में हैं और चेक से निकासी सिकंदराबाद तेलंगाना शाखा से हुई हैं। जबकि, सूचना अधिकार के तहत भुक्तभोगी खाताधारी को उनके निकासी चेक का सूचना नहीं दिया गया हैं। हालांकि, कोरा कागज पर सूचना के लिए अपील करने का निर्देश दिया गया। जिसमें किसी बैंक सूचना अधिकारी का हस्ताक्षर भी नहीं है। बाध्य होकर भुक्तभोगी रिटायर्ड कर्मी बासुदेव ठाकुर अपने पूरे परिवार के साथ धनबाद के रणधीर वर्मा चौक पर 08 जून से आमरण अनशन सह सत्याग्रह आंदोलन करने जा रहें हैं। जिसकी जानकारी सामाजिक कार्यकर्ता जगत महतो ने देते हुए बताया कि बासुदेव ठाकुर बीसीसीएल से अक्टूबर 2025 में रिटायर्ड हुए एवं 01 नवंबर को इन्हें भविष्य निधि का रकम प्राप्त हुआ। परंतु, 19 नवंबर को इनके खाते से चेक संख्या 867596 से 35.50 लाख एक संदिग्ध व्यक्ति को भुगतान कर दिया गया। बैंक पर चेक क्लियरेंस प्रोटोकॉल का अनुपालन नहीं करने का आरोप हैं। जिसके कारण खाताधारी परिजनों संग रणधीर वर्मा चौक पर आमरण अनशन पर बैठेंगे। प्राथमिकी बैंक मोड़ थाना में जनवरी माह में दर्ज किया गया है, परंतु अभी तक किसी व्यक्ति की गिरफ्तारी नहीं हुई है और न ही एसबीआई द्वारा दोषी अधिकारी व कर्मियों पर कार्रवाई कर रकम दिलाने का पहल हुआ हैं।
बासुदेव ठाकुर बीसीसीएल के गोविंदपुर क्षेत्र के एबीजी कोलियरी में कार्यरत थे। जो अक्तूबर 2025 में रिटायर्ड हुए हैं। श्री ठाकुर मूल रूप से गिरिडीह जिला के चिचांकी गांव, बगोदर के रहने वाले है। मामला गंभीर हैं और जांच का विषय हैं।